इस बाल्टी में ऐसा क्या था जिसने लोगों को भागने पर मजबूर कर दिया
मज़ाक की कोई सीमा नहीं होती। मज़ाक उम्र और बंधन का मोहताज नहीं होता। जहाँ इसमें मनोरंजन होता है वहीं दूसरों को भी देखने में मज़ा आता है। बस यही कहने का मन करता है कि 'वाकई यही है असली हास्य ''।
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