अगर आपने कभी मदद नहीं की तो फिर आपने ज़िन्दगी भी नहीं जी

इसे कहते हैं असली इंसान जो सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि दूसरों के लिए भी जिए। यहाँ यह कहना भी सही होगा कि खुद ने खाया तो किसने देखा मगर दूसरों को दिया तो सबने देखा।