102 साल की उम्र में भी उनकी एनर्जी और जिन्दगी ज़ीने कि ज़िंदादिली 16 साल की लड़की के बराबर थी। ज़ोहरा जी को हम कभी भूल नहीं पाएंगे
ज़ोहरा जी की ज़िन्दगी हमें बहुत कुछ सीखाती है और प्रेरणा देती है। वह एक ज़िंदादिल इंसान थीं। उनके काम की कोई तुलना नहीं की जा सकती।
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