इन बच्चों ने अपने सपने हमें बताए और उन्हें सुनकर हम स्तब्ध रह गए

बचपन के सपने ही सुहाने होते हैं। हर सपना,सपने जैसा लगता है। बचपन में घबराता मन सोचता है कि सपना सच होगा या सपना ही रह जाएगा।