हर बंगाली माँ का प्यार रसगुल्ले जैसा मीठा हो सकता है या नहीं

माँ चाहे बंगाली हो या मद्रासी , हर माँ अपने बच्चों को एक ही नज़र से देखती है जहाँ उनका बच्चा दूसरे बच्चे से ज़्यादा बेवक़ूफ़ ही दिखता है।