इस बार की दिवाली होगी घर वाली दिवाली, क्या ऐसा हो सकता है

दिवाली तो सब मनाते है, मगर आज - कल की भागदौड़ भरी ज़िन्दगी में अपनों से दूर भला दिवाली भी कोई दिवाली होती है?