'औकात है तो खरीद लो जी' आगे क्या हुआ खुद ही देख लीजिए

ज़मीन के लिए लड़ाई करना तो बहुत आसान है ,मगर उसे खरीदना हर एक के बस की बात नहीं है। हँसते -हँसते कब आप सच्चाई का सामने होंगे आपको एहसास भी नहीं होगा।