दो भाषा के किनारे बंधे भाषा के सहारे ! सच में

 संगीत के समंदर में जब भावनाओं की नदियाँ आकर मिलती हैं तब वह पूर्व , पश्चिम , उत्तर, दक्षिण सभी बांधों को तोड़कर आगे बढ़ती चली जाती है !