केसरीलाल को देखकर जब इन हसीनाओं का दिल धक - धक करने लगा तब- तब हमारी साँसे रुकने लगी, ऐसा इन्होंने क्या कर दिया

प्रिय नेताओं को देखकर लोगों को कई उम्मीदें होने लगती हैं। मगर इन नेताओं को देखकर इन हसीनाओं की तो धड़कने तेज़ हो जाती हैं जो हमारी सांसें ही रोक देती हैं।