अगर सोचता तो कभी ऐसा न करता

"सावन के अंधे को सब हरा ही दिखाई देता है।" यह मुहावरा यहाँ एकदम सही बैठता है।
किसी से प्रभावित होने के लिए उसके अच्छे आचरण का सहारा ही हमें सही ढंग से प्रभावित कर सकता है
वहीं गलत परिस्थितियों में गलत निर्णय लेने से व्यक्ति सिर्फ पछताने का ही काम करता है।
यदि हम सही नहीं सोच सकते तो गलत क्यों सोचते हैं?