बेशर्मी की तो कोई हद ही नहीं है
रास्ते पर शौच करने से पहले लोग एक बार भी पर्यावरण के प्रदुषित होने से नहीं डरते। लोगों को लगता है की टैक्स दे देने से वह विश्व के मालिक बन गये हैं ,परन्तु उन्हें यह याद नहीं रहता की मालिक ही तो अपने घर कि साफ़ सफाई का ध्यान रखता है। हमें जब किसी की आलोचना करनी होती है तब तो हम बड़े समझदार होने का दावा करते हैं और वहीं हम दूसरे हाथ बेवकूफी भरे कार्य करते हैं।
Like Sharedots Hindi on Facebook


