मैं कौन हुँ ? क्या आप मेरी मदद कर सकते हैं

सिर्फ एक क्षण ज़िन्दगी की एहमियत बताने के लिए काफी होता है। पुरानी यादें ही हमारे आज की नीव रखती हैं।
यदी यादें न हो तो हमारा जीवन उस सूर्य की तरह है जिसपर ग्रहण लगने के बाद रौशनी की किरण की इच्छा करना बेकार है।