हमारे समाज में सेक्स वर्कर की बेटी होना सेक्स वर्कर से भी ज़्यादा बड़ा जुर्म है क्या
छुपाए न छुपे सच्चाई, बताए ना बताया जाए झूठ। हर व्यक्ति को समाज की सच्चाई का भली - भांति पता है ,पर फिर भी ना जाने क्यों ऊंच-नीच को इतना महत्व देते हैं। हर व्यक्ति के अंदर अच्छे और बुराई दोनों ही होते हैं तो फिर हम किसी के भी बारे में बोलने से पहले अपने आप को क्यों नहीं झांकते?
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